बस एक धड़क लिरिक्स ।। धड़क 2
चाँद का
गुरूर मिट गया
तू मुझे
जमीं पे दिख गया
शायरों ने
हार मान ली
तुझ पे मैं
वो नज़्म लिख गया
एक भटके हुए
काफिए की तरह
तेरे चेहरे पे मैं रुक गया
मोहब्बत का मेरी
ये पहला सफ़र है
जमीं से फलक चाहिए
जो नींदे उड़ा दे
ना सोने दे मुझको
वो मीठी तड़प चाहिए
उमर भर निभाएगी
जो साथ मेरा
बस एक धड़क चाहिए
मोहब्बत का मेरी
ये पहला सफ़र है
जमीं से फलक चाहिए
उमर भर निभाएगी
जो साथ मेरा
बस एक धड़क चाहिए
बस एक धड़क चाहिए
मैं कुछ भी नहीं थी
मिली जब से तुमसे
मुझे जिंदगी मिल गयी
तेरी रौशनी की
नजर जो पड़ी तो
मेरी हर खुशी खिल गयी
तू मेरा क्या है
कैसे बताऊं तुझे
मैं बस तेरी हूँ
इतना पता है मुझे
जो कभी उड़ रहा था
पतंग की तरह
तेरी बातों से मैं कट गया
मोहब्बत का मेरी
ये पहला सफ़र है
जमीं से फलक चाहिए
जो नींदे उड़ा दे
ना सोने दे मुझको
वो मीठी तड़प चाहिए
उमर भर निभाएगी
जो साथ मेरा
बस एक धड़क चाहिए
credit -
Song: Bas Ek Dhadak
Music Composer: Javed-Mohsin
Singers: Shreya Ghoshal & Jubin Nautiyal
Lyricist: Rashmi Virag
Music Arranger and Programmer: Jim Satya, Viplove Rajdeo & Prasad Sashte
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